Shani Chalisa

आज के इस पोस्ट में हम शनि देव की आराधना के लिए Shani Chalisa | शनि चालीसा | श्री शनि देव चालीसा को प्रकाशित कर रहें हैं.

श्री शनि देव जी को इस संसार का न्यायाधीश बनाया गया है. जो हम सबको हमारे कर्मों का फल देतें हैं. अगर हमारे कर्म अच्छे होतें हैं तो हमें शनि देव सुख और शांति का वरदान देतें हैं. और अगर हमारे कर्म ख़राब हुए, अधर्म वाले हुए तो श्री शनि देव हम हमारे कर्मो के अनुसार हमें कठोर दंड देतें हैं.

सूर्य देव की आराधना के लिए Surya Chalisa | सूर्य चालीसा का पाठ करें.

जाने अनजाने किये जाने वाले कर्मों के कठोर दंड से बचने के लिए हम अगर अपने कर्मों के लिए श्री शनि देव से क्षमा याचना करें. जीवन में और कभी भी अधर्म कर्म नहीं करने का प्रण लें, शनि देव जी की आराधना और स्तुति सम्पूर्ण ह्रदय से करें.

तो हम श्री शनि देव जी के वक्र दृष्टि और कठोर दंड से बच सकतें हैं.

हमें अपने जीवन में सदा ही सही और अच्छे कर्म करने चाहियें.

शनि देव जी की आराधना के लिए हम श्री शनि चालीसा का पाठ करें और उनकी स्तुति के लिए श्री शनि आरती करें.

Shani Aarti | शनि आरती – जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी

Shani Chalisa | शनि चालीसा

Shani Chalisa
Shani Chalisa

|| श्री शनि देव चालीसा ||

॥दोहा॥

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल ।

दीनन के दुःख दूर करि, कीजै नाथ निहाल ॥

जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज ।

करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज ॥

॥चौपाई॥

जयति जयति शनिदेव दयाला । करत सदा भक्तन प्रतिपाला ॥

चारि भुजा, तनु श्याम विराजै । माथे रतन मुकुट छवि छाजै ॥

परम विशाल मनोहर भाला । टेढ़ी दृष्टि भृकुटि विकराला ॥

कुण्डल श्रवण चमाचम चमके । हिये माल मुक्तन मणि दमके ॥

कर में गदा त्रिशूल कुठारा । पल बिच करैं अरिहिं संहारा ॥

पिंगल, कृष्णों, छाया, नन्दन । यम, कोणस्थ, रौद्र, दुःख भंजन ॥

सौरी, मन्द, शनि, दशनामा । भानु पुत्र पूजहिं सब कामा ॥

जा पर प्रभु प्रसन्न है जाहीं । रंकहुं राव करैं क्षण माहीं ॥

पर्वतहू तृण होई निहारत । तृणहू को पर्वत करि डारत ॥

राज मिलत वन रामहिं दीन्हो । कैकेइहुं की मति हरि लीन्हो ॥

बनहूं में मृग कपट दिखाई । मातु जानकी गई चतुराई ॥

लखनहिं शक्ति विकल करिडारा । मचिगा दल में हाहाकारा ॥

रावण की गति मति बौराई । रामचन्द्र सों बैर बढ़ाई ॥

दियो कीट करि कंचन लंका । बजि बजरंग बीर की डंका ॥

नृप विक्रम पर तुहि पगु धारा । चित्र मयूर निगलि गै हारा ॥

हार नौलाखा लाग्यो चोरी । हाथ पैर डरवायो तोरी ॥

भारी दशा निकृष्ट दिखायो । तेलिहिं घर कोल्हू चलवायो ॥

विनय राग दीपक महँ कीन्हों । तब प्रसन्न प्रभु हवै सुख दीन्हों ॥

हरिश्चन्द्र नृप नारि बिकानी । आपहुं भरे डोम घर पानी ॥

तैसे नल पर दशा सिरानी । भूंजी-मीन कूद गई पानी ॥

श्री शंकरहि गहयो जब जाई । पार्वती को सती कराई ॥

तनिक विलोकत ही करि रीसा । नभ उड़ि गयो गौरिसुत सीसा ॥

पाण्डव पर भै दशा तुम्हारी । बची द्रोपदी होति उधारी ॥

कौरव के भी गति मति मारयो । युद्ध महाभारत करि डारयो ॥

रवि कहं मुख महं धरि तत्काला । लेकर कूदि परयो पाताला ॥

शेष देव-लखि विनती लाई । रवि को मुख ते दियो छुड़ई ॥

वाहन प्रभु के सात सुजाना । जग दिग्ज गर्दभ मृग स्वाना ॥

जम्बुक सिंह आदि नख धारी । सो फल ज्योतिष कहत पुकारी ॥

गज वाहन लक्ष्मी गृह आवैं । हय ते सुख सम्पत्ति उपजावै ॥

गर्दभ हानि करै बहु काजा । गर्दभ सिंद्धकर राज समाजा ॥

जम्बुक बुद्धि नष्ट कर डारै । मृग दे कष्ट प्राण संहारै ॥

जब आवहिं प्रभु स्वान सवारी । चोरी आदि होय डर भारी ॥

तैसहि चारि चरण यह नामा । स्वर्ण लौह चाँजी अरु तामा ॥

लौह चरण पर जब प्रभु आवैं । धन जन सम्पत्ति नष्ट करावै ॥

समता ताम्र रजत शुभकारी । स्वर्ण सर्वसुख मंगल कारी ॥

जो यह शनि चरित्र नित गावै । कबहुं न दशा निकृष्ट सतावै ॥

अदभुत नाथ दिखावैं लीला । करैं शत्रु के नशि बलि ढीला ॥

जो पण्डित सुयोग्य बुलवाई । विधिवत शनि ग्रह शांति कराई ॥

पीपल जल शनि दिवस चढ़ावत । दीप दान दै बहु सुख पावत ॥

कहत राम सुन्दर प्रभु दासा । शनि सुमिरत सुख होत प्रकाशा ॥

॥दोहा॥

पाठ शनिश्चर देव को, की हों विमल तैयार ।

करत पाठ चालीस दिन, हो भवसागर पार ॥

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Shree Shani Dev Chalisa Lyrics

Shree Shani Dev Chalisa Lyrics

Shri Shani Dev Chalisa

॥ DOHA ॥

Jai Ganesh Girija Suwan, Mangal Karan Kripal.

Dinan Ke Dukh Dur Kari Kije Nath Nihal.

Jai Jai Shri Shanidev Prabhu, Sunahu Vinay Maharaj.

Karahu Kripa He Ravi Tanay, Rakhahu Jan Ki Laaj.

॥ CHOUPAI ॥

Jayati Jayati Shanidev Dayala. Karat Sada Bhaktan Pratipala.

Chari Bhuja, Tanu Shyam Viraje. Mathe Ratan Mukut Chavi Chaje.

Param Vishal Manohar Bhala. Tedhi Drishti Bhrikuti Vikrala.

Kundal Shravan Chamacham Chamke. Hiye Maal Muktan Mani Damke.

Kar Me Gada Trishul Kuthara. Pal Bich Kare Arihi Sanhara.

Pingal,Krishno,Chaya, Nandan. Yam, Konasth, Roudra, Dukh Bhanjan.

Souri, Mand, Shani, Dashnama. Bhanu Putra Pujahin Sab Kama.

Ja par Prasann Hai Jahi. Rankahun Rav Kare Kshan Maahi.

Paravatahu Trin Hoi Niharat. Trinahu Ko Parvat Kari Darat.

Raj Milat Van Ramahi Dinho. Kaikeihu Ki Mati Hari Linho.

Banahun Me Mrig Kapat Dikhayi. Matu Janki gayi Chaturayi.

Lakhanahi Shakti Vikal Karidara. Machiga Dal Me Hahakara.

Ravan Ki Gati Mati Bourai. Ramchandra So Bair Badhayi.

Diyo Kit Kari Kanchan Lanka. Baji Bajrang Bir Ki Danka.

Nrip Vikram Par Tuhi Pagu Dhara. Chitra Mayoor Nigali Gai Hara.

Haar Noulakha Laagyo Chori. Hath Pair Darvayo Tori.

Bhari Dasha Nikrisht Dikhayo. Telihin Ghar Kolhu Chalvayo.

Vinay Raag Deepak Mahn Kinho. Tab Prasann Prabhu Hawai Sukh Dinho.

Harischandra Nrip Nari Bikani. Aapahun Bhare Dom Ghar Pani.

Taise Nal Par Dasha Sirani. Bhunji-Min Kud Gayi Pani.

Shri Shankarahi Gahayo Jab Jaayi. Parvati Ko Sati Karayi.

Tanik Vilokat Hi Kari Risa. Nabh Udi Gayo Gaurisut Sisa.

Pandav Par Bhai Dasha Tumhari. Bachi Dropadi Hoti Udhari.

Kourav Ke Bhi Gati Mati Maryo. Yuddh Mahabharat Kari Daryo.

Ravi Kahn Mukh Mahn Dhari Tatkala. Lekar Kudi Paryo Patala.

Shesh Dev Lakhi Vinati Laayi. Ravi Ko Mukh Te Diyo Churayi.

Vaahan Prabhu Ke Saat Sujana. Jag Digj Gadarbh Mrig Swana.

Jambuk Singh Aadi Nakh Dhari. So Phal Jyotish Kahat Pukari.

Gaj Vahan Lakshmi Grih Aawe. Hay Te Sukh Sampati Upjawe.

Gadarbh Hani Kare Bahu Kaja. Gadarbh Sinddhkar Raj Samaja.

Jambuk Buddhi Nasht Kar Dare. Mrig De Kasht Pran Sanhare.

Jab Aawahi Prabhu Swan Sawari. Chori Aadi Hoy Dar Bhari.

Taisahi Chari Charan Yah Nama. Swarn Louh Chanji Aru Tama.

Louh Charan Par Jab Prabhu Aawe. Dhan Jan Sampati Nasht Karawe.

Samta Tamra Rajat Shubhkari. Swarn Sarvsukh Mangal Kari.

Jo Yah Shani Charitra Nit Gawe. Kabahun Na Dasha Nikrisht Satawe.

Adbhut Nath Dikhawe Lila. Kare Shatru Ke Nashi Bali Dhila.

Jo Pandit Suyogya Bulvayi. Vidhivat Shani Grah Shanti Karayi.

Pipal Jal Shani Diwas Chadhavat. Deep Daan Dai Bagu Sukh Pawat.

Kahat Ram Sundar Prabhu Dasa. Shani Sumirat Sukh Hot Prakasha.

॥ DOHA ॥

Path Shanischar Dev Ko, Ki Ho Vimal Taiyar.

Karat Path Chalis Din, Ho Bhavsagar Par.

Om Jai Shri Shani Deva

पढ़ें हनुमान चालीसा हिंदी में | Hanuman Chalisa in Hindi – समस्त संकटों से रक्षा के लिए

विडियो

श्री शनि देव चालीसा (Shree Shani Dev Chalisa) विडियो आप सबकी सुविधा के लिए निचे दिया गया है. आप इस विडियो को देखते हुए श्री शनि देव चालीसा का पाठ कर सकतें हैं. इससे आपको उच्चारण में सुविधा होगी.

Shree Shani Chalisa

Video source : YouTube

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