Ajitnath Bhagwan ki Aarti – अजितनाथ भगवान की आरती (जैन)

इस पोस्ट में हम Ajitnath Bhagwan ki Aartiअजितनाथ भगवान की आरती का प्रकाशन कर रहें हैं.

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भगवान श्री अजितनाथ जी जैन धर्म के द्वितीय तीर्थंकर थे. श्री अजितनाथ जी के बारे में हम जानकारी इस पोस्ट में आगे प्राप्त करेंगे.

चलिए पहले हम सब श्री अजितनाथ जी की आरती के माध्यम से स्तुति करतें हैं.

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Ajitnath Bhagwan ki Aarti – अजितनाथ भगवान की आरती

Ajitnath Bhagwan
Shri Ajitnath Bhagwan
Jain cloud, CC BY-SA 4.0, via Wikimedia Commons

|| श्री अजितनाथ भगवान की आरती ||

जय श्री अजित प्रभु, स्वामी जय श्री अजित प्रभु ।
कष्ट निवारक जिनवर, तारनहार प्रभु ॥

पिता तुम्हारे जितशत्रू और, माँ विजया रानी ।
स्वामी माँ विजया रानी
माघ शुक्ल दशमी को जन्मे, त्रिभुवन के स्वामी ।

स्वामी जय श्री अजित प्रभु……

उल्कापात देख कर प्रभु जी, धार वैराग्य लिया ।
स्वामी धार वैराग्य लिया
गिरी सम्मेद शिखर पर, प्रभु ने पद निर्वाण लिया ॥

स्वामी जय श्री अजित प्रभु……

यमुना नदी के तीर बटेश्वर, अतिशय अति भारी ।
स्वामी अतिशय अति भारी
दिव्य शक्ति से आई प्रतिमा, दर्शन सुखकारी ॥

स्वामी जय श्री अजित प्रभु……

प्रतिमा खंडित करने को जब, शत्रु प्रहार किया ।
स्वामी शत्रु प्रहार किया
बही दूध की धार प्रभु ने, अतिशय दिखलाया ॥

स्वामी जय श्री अजित प्रभु……

बड़ी ही मन भावन हैं प्रतिमा, अजित जिनेश्वर की ।
स्वामी अजित जिनेश्वर की
मंवांचित फल पाया जाता, दर्शन करे जो भी ॥

स्वामी जय श्री अजित प्रभु……

जगमग दीप जलाओ सब मिल, प्रभु के चरनन में ।
स्वामी प्रभु के चरनन में
पाप कटेंगे जनम जनम के, मुक्ति मिले क्षण में ॥

स्वामी जय श्री अजित प्रभु……

विडियो

निचे हमने Ajitnath Bhagwan ki Aarti – अजितनाथ भगवान की आरती का यूट्यूब विडियो दिया हुआ है. प्ले बटन दबाएँ और इस विडियो को यहीं देखें.

https://youtu.be/fouT1bIGOKk
अजितनाथ भगवान की आरती

Information about Shri Ajitnath Bhagwan

श्री अजितनाथ भगवान के बारे में कुछ जानकारी

अजितनाथ भगवान जैन धर्म के दुसरे तीर्थंकर थे. जैसा की आप सबको पता ही है की जैन धर्म में 24 तीर्थंकर हैं. इन 24 तीर्थंकर में श्री अजितनाथ जी द्वितीय तीर्थंकर हैं.

श्री अजितनाथ जी का जन्म अयोध्या के इक्ष्वाकु वंश में हुआ था. इनकी माता का नाम विजया और पिता का नाम राजा जितशत्रु था.

अजितनाथ जी से पहले तीर्थंकर का नाम ऋषभदेव और इनके बाद के तीर्थंकर का नाम संभवनाथ था.

भगवान श्री अजितनाथ जी ने सम्मेद शिखर पर मोक्ष को प्राप्त किया था.

तीर्थंकरद्वितीय तीर्थंकर
पूर्व तीर्थंकरऋषभदेव
बाद वाले तीर्थंकरसंभवनाथ
जन्म स्थानअयोध्या
पिता का नामराजा जितशत्रु
माता का नामरानी विजयादेवी
वंशइक्ष्वाकु
चिन्हहाथी
मोक्ष स्थानसम्मेद शिखर
श्री अजितनाथ जी का जन्म कहाँ हुआ था?

श्री अजितनाथ जी का जन्म अयोध्या राज परिवार में इक्ष्वाकु वंश में हुआ था.

भगवान श्री अजितनाथ जी ने कहाँ मोक्ष को प्राप्त किया था?

श्री अजितनाथ भगवान जी ने सम्मेद शिखर पर मोक्ष को प्राप्त किया था.

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