Shri Bajrang Baan

Shri Bajrang Baan | श्री बजरंग बाण – आज के इस अंक में श्री बजरंग बाण को हिंदी और English Lyrics में विडियो के साथ प्रकाशित किया गया है.

हमने बजरंग बाण को इस तरह से प्रकाशित किया है ताकि आप सब हनुमान जी के भक्तों को श्री बजरंग बाण का पाठ करने में सुविधा हो. आप सब सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ श्री हनुमान जी की आराधना और स्तुति करें.

तो आप सब प्रेम और भक्ति के साथ बोलिये जय श्री राम, जय बजरंगबली जय हनुमान.

Shri Bajrang Baan | श्री बजरंग बाण

Bajrang Baan
Shri Bajrang Baan

|| बजरंग बाण ||

|| दोहा ||

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान |
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान ||

|| चौपाई ||

जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥
जन के काज बिलम्ब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥

जैसे कूदि सिन्धु महि पारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥
आगे जाइ लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुर लोका॥

जाय बिभीषण को सुख दीन्हा। सीता निरखि परम पद लीन्हा॥
बाग उजारि सिन्धु महँ बोरा। अति आतुर यम कातर तोरा॥

अक्षय कुमार को मारि संहारा। लूम लपेटि लंक को जारा॥
लाह समान लंक जरि गई। जय जय धुनि सुर पुर महँ भई॥

अब विलम्ब केहि कारण स्वामी। कृपा करहुं उर अन्तर्यामी॥
जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता। आतुर होइ दु:ख करहुं निपाता॥

जय गिरिधर जय जय सुख सागर। सुर समूह समरथ भटनागर॥
ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्त हठीले। बैरिहिं मारू बज्र की कीले॥

गदा बज्र लै बैरिहिं मारो । महाराज प्रभु दास उबारो॥
ॐकार हुँकार महाबीर धावो । बज्र गदा हनु बिलम्ब न लावो॥

ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमन्त कपीसा। ॐ हुँ हुँ हुँ हनु अरि उर सीसा॥
सत्य होउ हरि सपथ पायके। रामदूत धरु मारु जायके॥

जय जय जय हनुमन्त अगाधा। दु:ख पावत जन केहि अपराधा॥
पूजा जप तप नेम अचारा। नहिं जानत हौं दास तुम्हारा॥

वन उपवन मग गिरि गृह माहीं। तुमरे बल हम डरपत नाहीं॥
पाँँय परौं कर जोरि मनावौं। यह अवसर अब केहि गोहरावौं॥

जय अंजनि कुमार बलवंता। शंकर सुवन वीर हनुमन्ता॥
बदन कराल काल कुल घालक। राम सहाय सदा प्रतिपालक॥

भूत प्रेत पिशाच निशाचर। अग्नि बैताल काल मारीमर॥
इन्हें मारु तोहिं शपथ राम की। राखु नाथ मरजाद नाम की॥

जनकसुता हरि दास कहावो। ताकी शपथ बिलम्ब न लावो॥
जय जय जय धुनि होत अकाशा। सुमिरत होत दुसह दु:ख नाशा॥

चरण शरण कर जोरि मनावों। यहि अवसर अब केहि गोहरावों॥
उठु उठु चलु तोहिं राम दुहाई। पाँय परौं कर जोरि मनाई॥

ॐ चं चं चं चं चपल चलन्ता। ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता॥
ॐ हं हं हाँक देत कपि चञ्चल। ॐ सं सं सहम पराने खल दल॥

अपने जन को तुरत उबारो। सुमिरत होय आनन्द हमारो॥
यहि बजरंग बाण जेहि मारो। ताहि कहो फिर कौन उबारो॥

पाठ करै बजरंग बाण की। हनुमत रक्षा करै प्राण की॥
यह बजरंग बाण जो जापै। तेहि ते भूत प्रेत सब काँपे॥

धूप देय अरु जपै हमेशा। ताके तन नहिं रहे कलेशा॥

|| दोहा ||

प्रेम प्रतीतिहिं कपि भजै, सदा धरै उर ध्यान।
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥

इति श्री गोस्वामी तुलसीदास जी कृत श्रीहनुमत-बजरंग बाण समाप्त

श्री हनुमान जी की स्तुति और आराधना के लिए पाठ करें Sankatmochan Hanuman Ashtak का.

Shri Bajrang Baan Lyrics

Bajrang Baan Lyrics

|| Shri Bajrang Baan ||

|| Doha ||

Nischay prem pratiti te, Vinay kare sanman.
Tehi ke kaaraj sakal shubh, siddh kare Hanuman.

|| Chaupai ||

Jai Hanumant sant hitkari, Suni lijae prabhu araj hamari.
Jan ke kaaj bilamb na kijae, Aatur dauri maha sukh dijae.

Jaise kudi sindhu mahi para, Sursa badan paithi bistara.
Aage jaayi lankini roka, Maarehu laat gai sur loka.

Jaay bibhishan ko sukh dinha, Sita nirakhi param pad linha.
Baag ujaari sindhu mahn bora, Ati aatur yam kaatar tora.

Akshay kumar ko maari sanhara, Loom lapeti lank ko jara.
Laah saman lank jari gai, Jai Jai dhuni sur pur mahn bhai.

Ab wilamb kehi kaaran swaami, Kripa karhun ur antaryaami.
Jai Jai Lakshman praan ke data, Aatur hoi dukh karahun nipata.

Jai giridhar Jai Jai sukh saagar, Sur samuh samrath bhatnaagar.
Om hanu hanu hanu hanumant hathile, Bairihin maaru bajra ki kile.

Gada bajra lai bairihin maaro, Maharaj prabhu das ubaaro.
Omkar hunkar mahabir dhaawo, Bajra gada hanu bilamb na laawo.

Om hrim hrim hrim hanumant kapisa, Om hum hum hum hanu ari ur shisha.
Satya hou hari shapath paayke, Ram dut dharu maaru jayke.

Jai Jai Jai Hanumant agadha, Dukh paawat jan kehi apradha,
Puja jap tap nem achara, Nahi janat houn das tumhara.

Wan upwan mag giri grih maahi, Tumre bal ham darpat naahi.
Paay parou kar jori manaawon, Yah awsar ab kehi gohrawon.

Jai anjani kumar balwanta, Shankar suwan weer Hanumanta.
Badan karal kaal kul ghalak, Ram sahay sada pratipaalak.

Bhut pret pishach nishachar, Agni baitaal kaal maarimar.
Inhe maaru tohi shapath ram ki, Rakhu naath marjaad naam ki.

Janaksuta hari das kahawo, Taaki shapath bilamb na laawo.
Jai jai jai dhuni hot akasha, Sumirat hot dusah dukh nasha.

Charan sharan kari jori manawon, Yahi awsar ab kehi gohraawon.
Uthu uthu chalu tohi Ram duhai, Paay parau kar jori manai.

Om chan chan chan chan chapal chalanta, Om hanu hanu hanu hanu hanumanta.
Om han han hank det kapi chanchal, Om san san saham parane khal dal.

Apne jan ko turat ubaaro, Sumirat hoy aanand hamaro.
Yahi Bajrang Baan jehi maare, Taahi kaho phir kaun ubaare.

Paath kare Bajrang Baan ki, Hanumat Raksha kare praan ki.
Yah Bajrang Baan jo jaape, Tehi te bhut pret sab kaanpe.

Dhup dey aru jape hamesha, Taake tan nahi rahe kalesha.

|| Doha ||

Prem pratitihi kapi bhaje, Sada dhare ur dhyan.
Tehi ke kaaraj sakal shubh, Siddh kare Hanuman.

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Video

श्री बजरंग बाण विडियो निचे दिया गया है. आप सब श्रद्धापूर्वक इस विडियो को देखें.

Shri Bajrang Baan

Video source : YouTube

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हनुमान जी की स्तुति और आराधना के लिए श्री बजरंग बाण का नियमित रूप से पाठ करें.

बजरंग बाण पाठ

  • श्री बजरंग बाण के पाठ के लिए मंगलवार का दिन सबसे उत्तम होता है.
  • वैसे किसी भी दिन श्री बजरंग बाण का पाठ आप श्रद्धापूर्वक कर सकतें हैं.
  • प्रातः काल और संध्याकाल का समय श्री बजरंग बाण के पाठ के लिए उत्तम होता है.
  • सर्व प्रथम आप स्नान आदि करने के पश्चात शुद्ध और पवित्र हो जाएँ.
  • उसके बाद किसी साफ़ आसन पर बैठें.
  • श्री हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर को लाल आसन पर स्थापित करें.
  • आप हनुमान जी के मंदिर में जाकर भी श्री बजरंग बाण का पाठ कर सकतें हैं.
  • आसन पर स्थापित करने के पश्चात हनुमान जी को पुष्प और पुष्प माला अर्पण करें.
  • धुप दीप जलाएं.
  • हनुमान जी को सिंदूर अत्यंत ही प्रिय है. हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें.
  • श्री हनुमान जी को नैवेद्द अर्पित करें.
  • उसके पश्चात आप श्री बजरंग बाण का पाठ करें.
  • आप सीधे ही स्नान आदि करने के पश्चात बजरंग बाण का पाठ हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने बैठ कर कर सकतें हैं.
  • हनुमान जी सिर्फ आपकी श्रद्धा और भक्ति से प्रसन्न होतें हैं. बाकी चीजें बाद में आती हैं.

श्रद्धा और भक्ति के साथ ही श्री बजरंग बाण का पाठ करें. आप साथ में श्री हनुमान चालीसा का पाठ भी कर सकतें हैं.

पाठ करने के पश्चात आप श्री हनुमान जी की आरती करें.

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