Shani Dev Ki Aarti | शनि देव की आरती

Shani Dev Ki Aarti | शनि देव की आरती – श्री शनि देव जी की स्तुति के लिए कई आरतियाँ हैं. हमने इस साईट पर श्री शनि देव जी की सभी मुख्य आरतियों का प्रकाशन किया हुआ है.

आज के इस पोस्ट में हमने श्री शनि देव जी की तिन आरतियों का प्रकाशन किया है. श्री शनि देव जी की अन्य दो आरतियों का प्रकाशन हमने पहले किया हुआ है. उन आरतियों का लिंक निचे दिया जा रहा है.

Jai Jai Shri Shani Dev Bhaktan Hitkari | जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी

Jai Shani Deva Aarti | जय शनि देवा आरती

ShaniDevachi Aarti

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Shanidevachi Aarti

|| श्री शनिदेवाची आरती ||

|| श्री ||

जय जय श्री शनीदेवा | पद्मकर शिरी ठेवा
आरती ओवाळतो | मनोभावे करुनी सेवा || धृ ||

सुर्यसुता शनिमूर्ती | तुझी अगाध कीर्ति
एकमुखे काय वर्णू | शेषा न चले स्फुर्ती || जय || १ ||

नवग्रहांमाजी श्रेष्ठ | पराक्रम थोर तुझा
ज्यावरी कृपा करिसी | होय रंकाचा राजा || जय || २ ||

विक्रमासारिखा हो | शककरता पुण्यराशी
गर्व धरिता शिक्षा केली | बहु छळीयेले त्यासी || जय || ३ ||

शंकराच्या वरदाने | गर्व रावणाने केला
साडेसाती येता त्यासी | समूळ नाशासी नेला || जय || ४ ||

प्रत्यक्ष गुरुनाथ | चमत्कार दावियेला
नेऊनि शुळापाशी | पुन्हा सन्मान केला || जय || ५ ||

ऐसे गुण किती गाऊ | धणी न पुरे गातां
कृपा करि दिनांवरी | महाराजा समर्था || जय || ६ ||

दोन्ही कर जोडनियां | रुक्मालीन सदा पायी
प्रसाद हाची मागे | उदय काळ सौख्यदावी || जय || ७ ||

जय जय श्री शनीदेवा | पद्मकर शिरी ठेवा
आरती ओवाळीतो | मनोभावे करुनी सेवा ||

श्री शनि देव जी की आराधना के लिए Shani Chalisa | शनि चालीसा का पाठ भी अवस्य करें.

Shani Dev Ki Aarti | शनि देव की आरती

Shani Dev Ki Aarti

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Shani Dev Ki Aarti

|| श्री शनि देव की आरती ||

चार भुजा तहि छाजै,
गदा हस्त प्यारी ।
जय श्री शनिदेव …….

रवि नन्दन गज वन्दन,
यम अग्रज देवा ।
कष्ट न सो नर पाते,
करते तब सेवा ॥
जय श्री शनिदेव …….

तेज अपार तुम्हारा,
स्वामी सहा नहीं जावे ।
तुम से विमुख जगत में,
सुख नहीं पावे ॥
जय श्री शनिदेव …….

नमो नमः रविनन्दन,
सब ग्रह सिरताजा ।
बन्शीधर यश गावे,
रखियो प्रभु लाजा ॥
जय श्री शनिदेव …….

Lyrics

|| Shri Shani Dev Ki Aarti ||

Chaar Bhuja Tahi Chhajai,
Gada Hast Pyaari.
Jai Shri Shani Dev…………

Ravi Nandan Gaj Wandan,
Yam Agraj Deva.
Kasht Na So Nar Pate,
Karte Sab Seva.
Jai Shri Shani Dev…………

Tej Apaar Tumhara,
Swami Saha Nahi Jaawe.
Tum Se Wimukh Jagat Mein,
Sukh Nahi Paave.
Jai Shri Shani Dev…………

Namo Namah Ravi Nandan,
Sab Grah Sirtaja.
Banshidhar Yash Gaave,
Rakhiyo Prabhu Laja.
Jai Shri Shani Dev…………

Shani Dev Ki Aarti | शनि देव की आरती

|| श्री शनि देव की आरती ||

जय जय शनि देव महाराज,
जन के संकट हरने वाले ।

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तुम सूर्य पुत्र बलिधारी,
भय मानत दुनिया सारी ।
साधत हो दुर्लभ काज ॥

तुम धर्मराज के भाई,
जब क्रूरता पाई ।
घन गर्जन करते आवाज ॥

जय जय शनि देव महाराज……….

तुम नील देव विकराली,
है साँप पर करत सवारी ।
कर लोह गदा रह साज ॥

जय जय शनि देव महाराज…………

तुम भूपति रंक बनाओ,
निर्धन स्रछंद्र घर आयो ।
सब रत हो करन ममताज ॥

जय जय शनि देव महाराज………..

राजा को राज मितयो,
निज भक्त फेर दिवायो ।
जगत में हो गयी जय जयकार ॥

जय जय शनि देव महाराज………..

तुम हो स्वामी हम चरणं,
सिर करत नमामी जी ।
पूर्ण हो जन जन की आस ॥

जय जय शनि देव महाराज……….

जहाँ पूजा देव तिहारी,
करें दीन भाव ते पारी ।
अंगीकृत करो कृपाल ॥

जय जय शनि देव महाराज……….

कब सुधि दृष्टि निहरो,
छमीये अपराध हमारो ।
है हाथ तिहारे लाज ॥

जय जय शनि देव महाराज……….

हम बहुत विपत्ति घबराए,
शरणागत तुम्हरी आये ।
प्रभु सिद्ध करो सब काज ॥

जय जय शनि देव महाराज………..

यहाँ विनय करे कर जोर के,
भक्त सुनावे जी ।
तुम देवन के सिरताज ॥

जय जय शनि देव महाराज……….

जय जय शनि देव महाराज,
जन के संकट हरने वाले ।

Shani Dev Ji Ki Aarti Lyrics

|| Shani Dev Ji Ki Aarti ||

Jai Jai Shni Dev Maharaj,
Jan Ke Sankat Harne Wale.

Tum Surya Putra Balidhari,
Bhay Maanat Duniya Sari.
Saadhat ho Durlabh Kaaj.

Tum Dharmraj Ke Bhai,
Jab Krurta Paayi.
Ghan Garjan Karte Aawaaj.

Jai Jai Shani Dev Maharaj…………

Tum Nil Dev Wikrali,
Hai Saanp Par Karat Sawari.
Kar Loh Gada Rah Saaj.

Jai Jai Shani Dev Maharaj………

Tum Bhupati Rank Banao,
Nirdhan Swachhand Ghar Aayo.
Sab Rat Ho Karan Mamtaaj.

Jai Jai Shani Dev Maharaj………..

Raja Ko Raj Mityo,
Nij Bhakt Fer diwayo.
Jagat Me Ho Gayi Jai Jaykaar.

Jai Jai Shani Dev Maharaj………….

Tum Ho Swami Ham Charnam,
Sir Karat Namami Ji.
Purn Ho Jan Jan Ki Aas.

Jai Jai Shani Dev Maharaj………

Jahan Pooja Dev Tihari,
Karen Deen Bhaaw Te Paari.
Angikrit Karo Kripaal.

Jai Jai Shani Dev Maharaj………..

Kab Sudhi Drishti Nihro,
Chhmiye Apraadh Hamaro.
Hai Haath Tihare Laaj.

Jai Jai Shani Dev Maharaj…………..

Ham Bahut Vipati Ghabraaye,
Sharanagat Tumhari Aaye.
Prabhu Siddh Karo Sab Kaaj.

Jai Jai Shani Dev Maharaj………….

Yahan Winay Kare Kar Jor Ke,
Bhakt Sunaawe Ji.
Tum Dewan Ke Sirtaaj.

Jai Jai Shani Dev Maharaj…………

Jai Jai Shani Dev Maharaj,
Jan Ke Sankat Harne Wale.

निवेदन

श्री शनि देव जी की स्तुति सम्पूर्ण ह्रदय से करें. हो सके तो जीवन में कम-से-कम एक बार श्री शनि देव जी के धाम श्री शनि शिन्ग्नापुर अवस्य जाएँ. और श्री शनि देव जी की आराधना और स्तुति करें.

जैसा की मैंने अपने पिछले पोस्ट में भी आप सब से कहा था की श्री शनि देव इस संसार के न्यायाधीश की भूमिका का निर्वहन करतें हैं.

श्री शनि देव जी महाराज हमे हमारे कर्मों का उचित फल प्रदान करतें हैं. उनकी दृष्टि से कोई भी नहीं बच सकता है.

अगर हम सही और अच्छे कर्म करेंगे तो वे अवस्य ही हमे आशीर्वाद देंगे. हमारे जीवन को खुशियों से भर देंगे.

और अगर हमारे कर्म गलत हुए तो वे अवस्य ही हमारे कर्मों का दंड देंगे. अगर हम अपने बुरे कर्मों के लिए सच्चे ह्रदय से श्री शनि देव जी से क्षमा याचना करतें हैं. और जीवन में हमेशा सही राह पर चलने और अच्छे कर्म करने का प्राण लेतें हैं तो श्री शनि देव जी अवस्य ही हमें क्षमा प्रदान करेंगे.

श्री शनि देव जी बहुत ही दयालु हैं. वे सब पर अपनी कृपा रखतें हैं. उनकी स्तुति और आराधना सम्पूर्ण भक्तिभाव के साथ करें.

वे हमें सही राह पर चलने के लिए कहतें हैं. इस कारण से हमें सदा ही सही राह पर चलना चाहिए. आज के इस पोस्ट में बस इतना ही.

इस पोस्ट से संबंद्धित अपने विचार हमें कमेंट में अवस्य लिखें.

साथ ही हमारे अन्य प्रकाशनों को भी अवस्य देखें आप अवस्य लाभान्वित होंगे.

|| जय श्री शनि देव ||

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