Vindhyavasini Chalisa

विंध्यवासिनी माता की आराधना के लिए हम सब Vindhyavasini Chalisa विन्ध्यवासिनी चालीसा का सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ पाठ करें.

माता की आराधना और स्तुति करना अत्यंत ही शुभ और मंगलकारी होता है. विंध्यवासिनी माता माँ दुर्गा का ही एक रूप मानी जाती है.

माँ विंध्यवासिनी आदि पराशक्ति है. माता का धाम उत्तर प्रदेश के विंध्याचल में स्थित है. माता का एक और मंदिर हिमाचल प्रदेश में भी स्थित है.

आज के इस अंक में हम Vindhyavasini Chalisa विन्ध्यवासिनी चालीसा प्रकाशित कर रहें हैं. माँ विंध्यवासिनी की स्तुति के लिए आप Vindhyeshwari Aarti विन्ध्येश्वरी आरती का गायन करते हुए माता की आरती अवस्य करें.

Vindhyavasini Chalisa विन्ध्यवासिनी चालीसा

Vindhyavasini Chalisa

Video source : YouTube

|| विंध्यवासिनी माता चालीसा ||

Vindhyavasini Chalisa

|| दोहा ||

नमो नमो विन्ध्येश्वरी नमो नमो जगदम्ब |
सन्तजनों के काज में करती नही विलम्ब |

|| चौपाई ||

जय जय जय विन्ध्याचल रानी |
आदि शक्ति जग विदित भवानी |

सिंहवाहिनी जय जग माता |
जय जय जय त्रिभुवन सुखदाता |

कष्ट निवारणी जय जग देवी |
जय जय जय जय असुरासुर सेवी |

महिमा अमित अपार तुम्हारी |
शेश सहस मुख वर्णत हारी |

दीनन के दुःख हरत भवानी |
नहिं देख्यो तुम सम कोई दानी |

सब कर मनसा पुरवत माता |
महिमा अमित जगत विख्याता |

जो जन ध्यान तुम्हारो लावे |
सो तुरतहिं वांछित फ़ल पावे |

तू ही वैश्णवी तू ही रुद्राणी |
तू ही शारदा अरु ब्रह्माणी |

रमा राधिका श्यामा काली |
तू ही मातु सन्तन प्रतिपाली |

उमा माधवी चन्ड़ी ज्वाला,
बेगि मोहि पर होहु दयाला |

तू ही हिंगलाज महारानी,
तू ही शीतला अरु विज्ञानी |

दुर्गा दुर्ग विनाशिनी माता,
तू ही लक्ष्मी जग सुखदाता |

तू ही जाहनवी अरु उत्राणी |
हेमावति अम्बे निर्वाणी |

अश्टभुजी वाराहिनी देवी |
करत विष्णु शिव जाकर सेवी |

चौंसठ देवी कल्यानी |
गौरी मंगला सब गुणखानी |

पाटन मुम्बा दन्त कुमारी |
भद्रकाली सुन विनय हमारी |

वज्रधारिणी शोक नाशिनी |
आयु रक्षिणी विन्ध्यवासिनी |

जया और विजया बैताली |
मातु सुगंधा अरु विकराली |

नाम अनन्त तुम्हार भवानी |
बरनै किमी मानुश अज्ञानी |

जा पर कृपा मातु तव होई |
तो वह करै चहै मन जोई |

कृपा करहु मो पर महारानी |
सिद्ध करिए अम्बे मम बानी |

जो नर धरै मातु कर ध्याना |
ताकर सदा होए कल्याना |

विपति ताहि सपनेहु नहिं आवै |
जो देवी का जाप करावै |

जो नर कहं ऋण होय अपारा |
सो नर पाठ करै शत बारा |

निश्चय ऋण मोचन होई जाई |
जो नर पाठ करै मन लाई |

अस्तुति जो नर पढ़ै पढ़ावै |
या जग में सो अति सुख पावै |

जा को व्याधि सतावै भाई |
जाप करत सब दूर पराई |

जो नर अति बन्दी महं होई |
बार हजार पाठ कर सोई |

निश्चय बन्दी ते छुटि जाई |
सत्य वचन मम मानहु भाई |

जा पर जो कछु संकट होई |
निश्चय देविहिं सुमिरै सोई |

जा कहँ पुत्र होय नहि भाई |
सो नर या विधि करे उपाई |

पाँच वर्ष सो पाठ करावै |
नौरातर में विप्र जिमावै |

निश्चय होए प्रसन्न भवानी |
पुत्र देहिं ताकहँ गुणखानी |

ध्वजा नारियल आनि चढ़ावै |
विधि समेत पूजन करवावै |

नित प्रति पाठ करै मन लाई,
प्रेम सहित नहिं आन उपाई |

यह श्री विन्ध्याचल चालीसा |
रंक पढ़त होवे अवनीसा |

यह जानि अचरज मानहुं भाई |
कृपा दृष्टी तापर होई जाई |

जय जय जय जगमात भवानी |
कृपा करहू मोहिं पर जन जानी |

माँ दुर्गा के ही रूप माँ काली की आराधना के लिए Maa Kali Chalisa | माँ काली चालीसा का पाठ करें.

Vindhyavasini Chalisa Lyrics

Vindhyavasini Chalisa

|| Vindhyavasini Chalisa ||

|| Doha ||

Namo Namo Vindhyeshwari Namo Namo Jagdamba.
Santjano Ke Kaaj Me Karti Nahi Vilamba.

|| Choupai ||

Jay Jay Jay Vindhyachal Rani.
Aadi Shakti Jag Vidit Bhavani.

Singhvahini Jay Jag Mata.
Jay Jay Jay Tribhuvan Sukhdata.

Kasht Nivarini Jay Jag Devi.
Jay Jay Jay Jay Asurasur Sevi.

Mahima Amit Apar Tumhari.
Shesh Sahas Mukh Varnat Haari.

Dinan Ke Dukh Harat Bhavani.
Nahi Dekhyo Tum Sam Koi Daani.

Sab Kar Mansa Purvat Mata.
Mahima Amit jagat Vikhyata.

Jo Jan Dhyan Tumharo Laave.
So Turatahi Vanchhit Phal Paave.

Tu Hi Vaishnavi Tu Hi Rudrani,
Tu Hi Sharda Aru Brahmani.

Rama Radhika Shyama Kali,
Tu Hi Maatu Santan Pratipali.

Uma Maadhvi Chandi Jwala,
Begi Mohi Par Hohu Dayala.

Tu Hi Hinglaaj Maharani,
Tu Hi Shitla Aru Vigyani.

Durga Durg Vinashini Mata,
Tu Hi Lakshmi Jag Sukhdata.

Tu Hi Jahnvi Aru Utrani.
Hemavati Ambe Nirvani.

Ashtbhuji Varahini Devi.
Karat Vishnu Shiv Jaakar Sevi.

Chounsath Devi Kalyani.
Gauri Mangla Sab Gunkhani.

Patan Mumba Dant Kumari.
Bhadrakali Sun Vinay Hamari.

Vajradharini Shok Nashini.
Aayu Rakshini Vindyavasini.

Jaya Aur Vijaya Baitali.
Maatu Sugandha Aru Vikrali.

Naam Anant Tumhar Bhavani.
Barne Kimi Maanush Agyani.

Ja Par Kripa Maatu Tav Hoi.
To Vah Kare Chahe Man Joi.

Kripa Karahu Mo Par Maharani.
Siddh Kariye Ambe Mam Baani.

Jo Nar Dhare Maatu Kar Dhyana.
Taakar Sada Hoye Kalyana.

Vipati Taahi Sapnehu Nahi Aave.
Jo Devi Ka Jaap Karave.

Jo Nar Kahan Rin Hoy Apara.
So Nar Path Kare Shat Bara.

Nischay Rin Mochan Hoi Jaai.
Jo Nar Path Kare Man Layi.

Astuti Jo Nar Padhe Padhave.
Ya Jag Me So Ati Sukh Pave.

Ja Ko Vyadhi Satave Bhayi.
Jaap Karat Sab Dur Parayi.

Jo Nar Ati Bandi Mahn Hoyi.
Bar hajar Path Kar Soyi.

Nischay Bandi Te Chhuti Jaayi.
Satya vachan Mam Manahu Bhayi.

Ja Par Jo Kuch Sankat Hoyi.
Nischay Devihin Sumire Soyi.

Ja Kahn Putra Hoy Nahi Bhayi.
So Nar Ya Vidhi Kare Upayi.

Paanch varsh So Path Karave.
Nouratar Me Vipra Jimave.

Nischay Hoye Prasann Bhavani.
putra Dehi Takahan Gunkhani.

Dhwaja nariyal Aani Chadhave.
Vidhi Samet Pujan Karvave.

Nit Prati Paath Kare Man Laayi.
Prem Sahit Nahi Aan Upayi.

Yah Shri Vindhyachal Chalisa,
Rank Padhat Hove Avnisa.

Yah Jaani Achraj Manahu Bhayi.
Kripa Drishti Taapar Hoyi Jaayi.

Jay Jay Jay Jagmaat Bhavani.
Kripa Karahu Mohin Par Jan Jani.

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विंध्यवासिनी माता की आराधना से लाभ

धार्मिक और अन्य मान्यताओं के अनुसार –

  • माँ विंध्यवासिनी की आराधना करने से मनुष्य को माता विन्ध्येश्वरी देवी की परम कृपा की प्राप्ति होती है.
  • माता को आदिशक्ति योगमाया भी कहा जाता है.
  • शारीरिक रोगों से परेशान मनुष्य यदि नियमपूर्वक माता की आराधना करता है तो उसे उसके रोगों और कष्टों से मुक्ति मिल जाती है.
  • अगर कोई नियमपूर्वक माता की आराधना और स्तुति करता है तो उसे समस्त ऋण से मुक्ति मिल जाती है.
  • निःसंतान को माता की कृपा से संतान की प्राप्ति होती है.
  • समस्त प्रकार के संकटों से माता अपने भक्तो को बचाती है.
  • माता विन्ध्येश्वरी देवी की कृपा से घर में सुख और शांति आती है.
  • जीवन से दुःख और दरिद्रता का नाश होता है.
  • सुख और समृद्धि माता की कृपा से मिलती है.

माता अत्यंत ही दयालु है. ह्रदय से उनकी भक्ति करने वालों की माता समस्त शुभ मनोकामना अवस्य पूर्ण करती है. जय विन्ध्येश्वरी माता.

माता विन्ध्येश्वरी देवी की हृदय से आराधना करें. आज के इस पोस्ट में बस इतना ही.

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