मकर संक्रांति कब है? (Makar Sankranti 2025) पुण्य काल, महापुण्य काल

मकर संक्रांति (Makar Sankranti) हमारे देश का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है. देश के अलग-अलग भागों में इसे भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है. धार्मिक दृष्टिकोण से मकर संक्रांति का हमारे धर्म ग्रंथों में पवित्र तिथि के रूप में माना गया है.

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आज के इस महत्वपूर्ण प्रकाशन में हम सब जानेंगे की मकर संक्रांति कब है? (Makar Sankranti 2025), मकर संक्रांति पुण्य काल का समय, मकर संक्रांति महा पुण्यकाल का समय, मकर संक्रांति क्यों मनाया जाता है? तथा मकर संक्रांति का महत्व.

हमारे हिन्दू धर्म के अधिकतर त्यौहार चन्द्र कैलेंडर पर आधारित होतें हैं. परन्तु मकर संक्रांति सूर्य पर आधारित त्यौहार है. इस दिन सूर्य उतरायण हो जाता है.

इसी तिथि से ऋतू में भी परिवर्तन होने लगता है. दिन बड़ी और रातें छोटी होने लगती है. जाड़े का मौसम भी धीरे-धीरे समाप्त होने लगता है.

चलिए अब बिना विलम्ब किये जानतें हैं की वर्ष 2025 में मकर संक्रांति कब है? (Makar Sankranti 2025 Date).

मकर संक्रांति कब है? (Makar Sankranti 2025)

makar Sankranti festival

वर्ष 2025 में मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025, मंगलवार को है.

मकर संक्रांति 202514 जनवरी 2025, मंगलवार
Makar Sankranti 202514 January 2025, Tuesday

चलिए अब हम सब मकर संक्रांति 2025 के पुण्य काल के समय की जानकारी प्राप्त काफर लेतें हैं.

मकर संक्रांति 2025 पुण्य काल

आप सबकी जानकारी के लिए बताना चाहूँगा की मकर संक्रांति 2025 का पुण्य काल का समय है 14 जनवरी 2025, मंगलवार को 09:03 am से 05:23 pm तक.

मकर संक्रांति 2025 पुण्य काल14 जनवरी 2025, मंगलवार
09:03 am – 05:23 pm

मकर संक्रांति 2025 महा पुण्य काल

वर्ष 2025 की मकर संक्रांति का महा पुण्य काल का समय है 14 जनवरी 2025, मंगलवार को 09:03 am से 10:52 am तक

मकर संक्रांति 2025 महा पुण्य काल14 जनवरी 2025, मंगलवार
09:03 am से 10:52 am

मकर संक्रांति क्यों मनाया जाता है? (Makar Sankranti Kyon Manaya Jata Hai?)

आप सबको बताना चाहेंगे की मकर संक्रांति क्यों मनाया जाता है? के संबंद्ध कुछ ज्योतिषीय तो कुछ धार्मिक कारण है.

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसी दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है. इस कारण से मकर संक्रांति मनाई जाती है. इस दिन से सूर्य उतरायण हो जाता है. अर्थात इस दिन से सूर्य की गति पूर्व से उतर की और हो जाती है.

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव से मिलने जातें हैं. शनि देव को मकर और कुम्भ राशि का स्वामी माना जाता है. पिता पुत्र के इस मिलन को अत्यंत ही शुभ और पवित्र माना जाता है. और इस कारण से इस दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान श्री विष्णु के द्वारा पृथ्वी लोक के असुरों का संहार किया गया था. भगवान श्री विष्णु के विजय के रूप में भी इस दिन मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है.

सूर्य के उतरायण होने के उपलक्ष्य के रूप में भी मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है. सूर्य के उतरायण होने को अत्यंत ही शुभ और पवित्र माना गया है. इस कारण से इस दिन मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है.

कुछ मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व नई फसल के लिए भगवान को आभार प्रदर्शन के लिए भी मनाई जाती है. क्योंकि इस समय कुछ राज्यों में नई फसल की कटाई आरम्भ होती है.

मकर संक्रांति का महत्व (Importance of Makar Sankranti)

हमारे देश में मकर संक्रांति का बहुत अधिक धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है. देश के लगभग सभी राज्यों में अलग अलग नामों से मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है.

मकर संक्रांति को अत्यंत ही शुभ और पवित्र दिन माना गया है. इस दिन से सूर्य उतरायण हो जाता है. सूर्य के उतरायण होने को अत्यंत ही शुभ माना गया है.

मकर संक्रांति का पर्व प्रकृति से भी जुड़ा हुआ है. नई फसल और ऋतू परिवर्तन के रूप में भी मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है.

इस दिन पवित्र नदियों और सरोवरों में स्नान करना अत्यंत ही शुभ माना गया है. साथ ही मकर संक्रांति के दिन भगवान श्री सूर्य देव को अर्घ्य देना भी अत्यंत ही शुभ कर्म माना गया है.

इसके अलावा मकर संक्रांति के दिन निर्धनों को दान देना भी शुभ कर्म माना गया है.

मकर संक्रांति के दिन क्या करें?

आप सबकी जानकारी के लिए यहाँ हम कुछ बातें संक्षेप में बताना चाहेंगे. मकर संक्रांति का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत ही महत्वपूर्ण दिन होता है. इस दिन को ऐसे ही जाया नहीं करें.

हमने ऊपर आप सबके लिए मकर संक्रांति पुण्य काल और मकर संक्रांति महा पुण्य काल का समय दिया हुआ है.

आप इस पुण्य काल या महा पुण्य काल में किसी पवित्र नदी या सरोवर या घर में पवित्रता से स्नान करें. भगवान श्री सूर्य देव को अर्घ्य दें. साथ ही निर्धनों को यथा शक्ति दान दक्षिणा प्रदान करें. इस दिन निर्धनों को भोजन करवाना शुभ होता है.

मकर संक्रांति के दिन योग और ध्यान करना भी महत्वपूर्ण होता है. अपने आराध्य देव का पूजन और ध्यान अवश्य करें.

सूर्य देव का पूजन करें. विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना शुभ होता है.

मकर संक्रांति से संबंद्धित अन्य त्यौहार

जैसा की हमने ऊपर बताया है की मकर संक्रांति का त्यौहार देश के अलग अलग जगहों पर भिन्न रूपों में मनाया जाता है. यहाँ हमने मकर संक्रांति से संबंद्धित कुछ त्योहारों की सूचि दी हुई है. इन सभी त्योहारों से संबंद्धित प्रकाशन हमारे साईट पर प्रकाशित है. आप अगर इनके बारे में और जानना चाहतें हैं तो लिंक पर क्लीक करके उन प्रकाशनों को देख सकतें हैं.

  • पोंगल (Pongal)
  • माघ बिहू
  • भोगाली बिहू
  • लोहड़ी
  • उतरायण

मकर संक्रांति से संबंद्धित कुछ बातें

makar Sankranti food

हमारे देश में प्रत्येक पर्व से जुड़ी कुछ अपने रिवाज भी होतें हैं. मकर संक्रांति में तिल के लड्डू खाने की परम्परा है. बहुत से जगहों पर इस दिन तिलकुट खाया जाता है.

कई जगहों पर इस दिन खिचड़ी बने जाती है. तो कुछ जगहों पर चावल के आटें और गुड़ से पीठा नमक व्यंजन बनाया जाता है.

इसके अलावा अन्य कई तरह के व्यंजन इस दिन बनाये और खाए जातें हैं.

मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने की भी परम्परा कई जगहों पर है. इस दिन पतंग उत्सव भी आयोजित किये जातें हैं.

मकर संक्रांति के दिन गंगा तटों पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ स्नान के लिए जमा होती है. इस दिन कई जगहों पर विशाल मेले का आयोजन भी किया जाता है.

मकर संक्रांति 2025 में कब मनाई जायेगी?

14 जनवरी 2025 दिन मंगलवार को मकर संक्रांति मनाई जायेगी.

मकर संक्रांति मनाने का सबसे बड़ा कारण क्या है?

इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है इस कारण से इस दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है.

मकर संक्रांति से संबंद्धित अन्य उत्सव कौन से है?

मकर संक्रांति से संबंद्धित कुछ अन्य उत्सव है – पोंगल, लोहड़ी, माघ बिहू, भोगाली बिहू, उतरायण, टुसू आदि.

आज के इस प्रकाशन को हम यहीं समाप्त कर रहें हैं. आशा है की आपको यह प्रकाशन अवश्य पसंद आया होगा. आप अपने सुझाव और विचार हमें कमेंट बॉक्स में लिख सकतें हैं.

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